मुंगेली जिला जेल में योग और आयुर्वेद से कैदियों के जीवन में बदलाव

मुंगेली। के जिला जेल देवरी में आयुष विभाग की पहल से कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। जेल में हर महीने दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर और सात दिवसीय योग सत्र का आयोजन किया जा रहा है। योग और ध्यान के नियमित अभ्यास से कैदियों में आत्म-नियंत्रण, धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
जेल अधीक्षक ममता पटेल के मुताबिक, पहले कई कैदी तनाव, क्रोध और अवसाद से परेशान रहते थे। जेल में बंद रहने के कारण उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था। लेकिन जब से योग सत्र शुरू हुए हैं, कैदियों ने प्राणायाम, ध्यान और आसान योगासन सीखना शुरू कर दिया। इसका असर यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में उनकी नींद बेहतर हुई, क्रोध में कमी आई और वे पहले से अधिक शांत महसूस करने लगे।
स्वास्थ्य शिविरों में कैदियों की नियमित जांच की जाती है और उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सा, प्राकृतिक उपचार और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। जिन कैदियों को रक्तचाप और तनाव जैसी समस्याएं थीं, उन्हें भी इससे राहत मिल रही है।
अब कई कैदी खुद योग के फायदे महसूस कर रहे हैं और अपने साथी कैदियों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे जेल में एक सकारात्मक और सहयोगी माहौल बना है, जिससे जेल प्रशासन भी संतुष्ट है। यह पहल कैदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ उन्हें सुधार के रास्ते पर लाने में मदद कर रही है।





