बालोद राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी पर घमासान, भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच राजनीति तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब यह मामला राजनीतिक तकरार का रूप ले चुका है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्य नारायण शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है।
सत्य नारायण शर्मा ने कहा कि जंबूरी जैसे बच्चों से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीति का शिकार बनाना गलत है। उन्होंने साफ कहा कि 9 जनवरी से होने वाली इस स्पर्धा को रद्द नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कई वर्षों बाद आयोजित हो रहा है और इसे किसी भी हाल में प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
राजभवन जाने को लेकर कांग्रेस पर उठ रहे सवालों पर शर्मा ने कहा कि इस विषय में उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन जंबूरी जरूर होनी चाहिए। अध्यक्ष पद को लेकर अगर कोई विवाद है तो पार्टी को आपस में बैठकर इसका समाधान निकालना चाहिए।
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने कहा कि जंबूरी के आयोजन का टेंडर 3 जनवरी को जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन उससे पहले ही बालोद के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में एक निजी कंपनी द्वारा काम शुरू कर दिया गया। मौके पर ट्रक, सामग्री और मजदूरों की मौजूदगी से साफ है कि काम पहले से तय था।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि बिना टेंडर पूरा हुए कंपनी को किसके आदेश पर काम करने दिया गया। साथ ही यह भी पूछा गया कि जेम पोर्टल जैसी पारदर्शी व्यवस्था में टेंडर की जानकारी पहले कैसे लीक हुई। कांग्रेस ने मंत्री और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जंबूरी कार्यक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उनका आरोप है कि 5 करोड़ रुपये से अधिक के काम बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के पहले ही करा दिए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। बघेल ने कहा कि निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े नाम सामने आएंगे।
ACB/EOW तक पहुंचा मामला
कांग्रेस ने पूरे मामले की शिकायत ACB/EOW में दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्काउट्स एंड गाइड्स का फैसला
विवाद बढ़ने के बाद भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद ने बैठक कर 9 जनवरी से प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के वैधानिक अध्यक्ष और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवादों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
शिक्षा विभाग का दावा
हालांकि, शिक्षा विभाग ने जंबूरी स्थगित होने की खबर को भ्रामक बताया है। विभाग का कहना है कि जंबूरी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी। इस संबंध में 8 जनवरी को बालोद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री और सीएम का जवाब
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जंबूरी से जुड़ा सारा काम जेम पोर्टल के माध्यम से हो रहा है और विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रेस वार्ता के बाद सभी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।
फिलहाल राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और सभी की नजरें आने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं।





