IPL सट्टे पर पुलिस की कार्रवाई, दो गिरफ्तार – बड़े सट्टेबाज अब भी आज़ाद

बिलासपुर में IPL के दौरान सट्टेबाजी का खेल जोरों पर है। पुलिस ने सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ छोटे सटोरियों पर कार्रवाई से समस्या खत्म हो जाएगी? बड़े सट्टेबाज अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं।
छोटे सटोरिए गिरफ्तार, मगर असली मास्टरमाइंड कौन?
बिलासपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। पहला मामला जूनी लाइन इलाके का है, जहां निहाल सिंह ठाकुर उर्फ आशु को ऑनलाइन IPL सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल, सट्टे से जुड़े स्क्रीनशॉट और 1500 रुपये नकद बरामद किए। दूसरी कार्रवाई मस्जिद गली में हुई, जहां देवा राही को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके पास से सात सट्टा पर्चियां और 800 रुपये मिले।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।
हर साल IPL के दौरान सट्टे का कारोबार तेजी से बढ़ता है। पुलिस छोटे सटोरियों को पकड़कर कार्रवाई का दावा तो कर रही है, लेकिन असली सरगना अब भी खुलेआम अपना नेटवर्क चला रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब छोटे सटोरियों तक पुलिस की पहुंच हो सकती है, तो फिर बड़े सट्टेबाजों को क्यों नहीं पकड़ा जाता?
हर साल पुलिस IPL सट्टे के खिलाफ अभियान चलाती है, लेकिन नतीजा वही रहता है – छोटे सटोरिए गिरफ्तार होते हैं और बड़े खेलाड़ी बच जाते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बार पुलिस महज खानापूर्ति करती है या असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए ठोस कदम उठाती है।





