Paris AI Summit 2025:100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, भारत और फ्रांस करेंगे मेज़बानी

पेरिस। तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इस बीच, पेरिस में आज से AI एक्शन समिट 2025 शुरू हो रहा है। यह समिट 10 से 11 फरवरी तक चलेगा और इस समिट में दुनियाभर के नेता एआई के भविष्य, इसके उपयोग और इससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
इस समिट की मेज़बानी भारत और फ्रांस कर रहे हैं, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मौका है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं और यहां से एआई के ग्लोबल रोडमैप को तैयार किया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि एआई का उपयोग कैसे किया जाए। यह समिट दुनियाभर के नेताओं को एक मंच पर लाकर एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और लाभकारी उपयोग के लिए रणनीतियाँ तय करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
समिट में चर्चा के मुद्दे
इस बार का समिट खास है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में एआई की सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ी है। खासकर, चीन के डीपसीक एआई टूल के आने के बाद इस मुद्दे पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने एआई को परमाणु बम और महामारी से भी खतरनाक बताया है। ऐसे में इस समिट में दुनियाभर के नेता यह तय करेंगे कि एआई का उपयोग किस तरीके से किया जाना चाहिए।
AI समिट में इन 5 मुद्दों पर होगी चर्चा
- आम लोगों की दिलचस्पी: एआई का उपयोग आम आदमी के जीवन को कैसे प्रभावित करेगा?
- AI का भविष्य: आने वाले समय में एआई की दिशा क्या होगी और यह कितना एडवांस होगा?
- AI इनोवेशन: एआई तकनीकी में और क्या नई चीज़ें की जा सकती हैं?
- AI में भरोसा: एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसे एथिकल और जिम्मेदार बनाने पर चर्चा होगी।
- AI पर निगरानी: एआई का उपयोग किस हद तक किया जा सकता है और इसके लिए क्या नियम और नीतियां बनानी चाहिए?





