’12 सीटों पर डबल-डबल उम्मीदवार’, पप्पू यादव ने कांग्रेस को निर्णय लेने की सलाह दी

दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। इसी बीच कांग्रेस और वीआईपी ने अपने-अपने प्रत्याशियों की नई सूची जारी कर दी है।
कांग्रेस की देर रात जारी सूची में छह उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए, जबकि वीआईपी ने पांच नए प्रत्याशियों की घोषणा की। इस बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने महागठबंधन पर तंज कसा और कहा कि गठबंधन को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 12 सीटों पर डबल डबल उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, जिससे गठबंधन की मजबूती प्रभावित हो रही है। पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि अब निर्णय लेने की जिम्मेदारी कांग्रेस की है, क्योंकि गठबंधन धर्म का पालन फिलहाल केवल कांग्रेस ही कर रही है।
इस घटनाक्रम पर बिहार के मंत्री और बांकीपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन ने टिप्पणी की कि कई स्थानों पर दो पार्टियों के आमने-सामने आने के कारण इसे गठबंधन कहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी गठबंधन को पूरी तरह मानती नहीं और तेजस्वी यादव के महत्वाकांक्षी रवैये के कारण भी गठबंधन पर असर पड़ा है।
सामान्य रूप से देखा जाए तो बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन की रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। आम आदमी पार्टी (AAP) भी सक्रिय हो चुकी है और उसने बिहार चुनाव 2025 के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी जैसे प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। राजनीतिक दलों के बीच यह दौड़ और सीट बंटवारे की अनिश्चितता चुनावी प्रक्रिया को और जटिल बना रही है।
इस स्थिति के बीच, महागठबंधन में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा पर सही निर्णय लेना कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है, जिससे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीति में अस्थिरता और बढ़ती दिखाई दे रही है।





