रतनपुर: श्रद्धालुओं की भक्ति से गूंजा रतनपुर, महापौर पूजा विधानी ने भी निभाई सहभागिता

रतनपुर – नवरात्रि की सप्तमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जब बिलासपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए मां महामाया देवी के दर्शन हेतु रतनपुर पहुंचे। श्रद्धालुओं की आस्था का यह सैलाब मां के दर्शन और पूजन के लिए उमड़ पड़ा।
मान्यता है कि सप्तमी के दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप देखने में उग्र होता है, लेकिन भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायिनी माना जाता है। अष्टमी पर जल चढ़ाने की कामना के साथ श्रद्धालु सप्तमी को ही मां के दर्शन करने की परंपरा निभाते हैं। कई श्रद्धालु तो इस यात्रा में निर्जल उपवास रखकर शामिल होते हैं, जो उनकी गहरी श्रद्धा का परिचायक है।
इस अवसर पर सेवा भाव से विभिन्न समाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। मराठा समाज, नगर निगम पार्षद श्याम साहू, वाजपेयी सहित अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में श्रद्धालुओं को केला, सेब, अंगूर आदि का प्रसाद वितरित किया गया।
प्रसाद वितरण कार्यक्रम में नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी ने भी सहभागिता निभाई और श्रद्धालुओं को अपने हाथों से फल भेंट कर सेवा कार्य में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में शामिल होना गर्व की बात है।
पार्षद श्याम साहू ने बताया कि वे और उनके सहयोगी विगत 35-40 वर्षों से नवरात्रि की सप्तमी पर सेवा कार्य करते आ रहे हैं और आगे भी इसे जारी रखने की कामना करते हैं। वहीं पार्षद तिहारी जायसवाल ने इसे हिंदू समाज का प्रमुख पर्व बताते हुए सेवा को सौभाग्य की बात कहा।
रतनपुर की सड़कों पर आस्था, सेवा और श्रद्धा का यह संगम नवरात्रि की सप्तमी को एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान देता है।





