ओवैसी का बड़ा बयान: आरएसएस पर देश की विविधता खत्म करने का आरोप

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक इंटरव्यू में आरएसएस (संघ) पर देश की विविधता और बहुलता को खत्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संघ और उनकी विचारधारा एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। ओवैसी ने कहा, “हम और संघ समंदर के दो किनारे हैं, जो कभी एक नहीं हो सकते।”
मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने पर उठाए सवाल
ओवैसी ने हाल के मंदिर-मस्जिद विवादों पर भी आरएसएस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक संगठित प्रयास है जो देश की एकता को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि “मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने की कोशिशें संघ और मोहन भागवत के समर्थकों की ओर से हो रही हैं।”
“मोहन भागवत सिर्फ बयान देते हैं, रोकते नहीं”
जब मोहन भागवत के उस बयान पर सवाल किया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर नहीं खोजा जाना चाहिए, तो ओवैसी ने कहा, “अगर वे सच में ऐसा चाहते हैं तो अपने लोगों को कोर्ट जाने से रोकें। वरना यह माना जाएगा कि सब कुछ उनके इशारे पर हो रहा है।”
ओवैसी ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अगर आज देश पर काबिज है, तो इसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है क्योंकि वह अपनी भूमिका निभाने में नाकाम रहा है।
UCC और ऑपरेशन सिंदूर पर भी बोले ओवैसी
अपने इंटरव्यू में ओवैसी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी और कहा कि इन सभी प्रयासों से देश की बहुलता पर असर पड़ रहा है।
ओवैसी के इन बयानों से राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है।





