मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती की पुरानी प्रक्रिया अधूरी, नई समय-सारिणी से अभ्यर्थियों की बढ़ी परेशानी

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक भर्तियों में हो रही देरी से अभ्यर्थियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में दो साल से अधिक का समय लग रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्तियों में सामने आ रही है।
दो साल पहले शुरू की गई माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी बीच नई भर्ती की समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। आगामी वर्ष में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षाएं जुलाई और अगस्त में आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा मंडल ने अगले वर्ष होने वाली 18 परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया है, जबकि पिछले साल की तीन परीक्षाएं जनवरी 2026 में कराई जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया लंबी होने के कारण अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वर्ग-3 के खाली पदों के लिए वर्ष 2022 में अधिसूचना जारी की गई थी। इसकी पात्रता परीक्षा 2023 में हुई, जबकि चयन परीक्षा 2025 में आयोजित की गई। चयन परीक्षा के परिणाम 25 सितंबर 2025 को जारी हुए, लेकिन चयनित अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
वर्ग-2 शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी भी वर्ष 2023 से लगातार परीक्षाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। वर्ग-3 के अभ्यर्थियों को भी पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा, दोनों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पुरानी भर्तियां पूरी किए बिना नई प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं। इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ रहा है, बल्कि बार-बार शुल्क जमा करने से आर्थिक दबाव भी बढ़ गया है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने की मांग की है, ताकि लंबे समय से अटकी नियुक्तियों को जल्द पूरा किया जा सके।





