भू-अर्जन में गड़बड़ी पर अफसर सस्पेंड, शासन को हुआ आर्थिक नुकसान

रायपुर।राजस्व सेवा के अधिकारी आनंदरूप तिवारी को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) की प्रक्रिया में अनियमितता बरतने का आरोप है, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है।
अरपा-भैंसाझार परियोजना में मिली गड़बड़ी
तिवारी, बिलासपुर जिले के कोटा में अनुविभागीय अधिकारी और भू-अर्जन अधिकारी के रूप में पदस्थ थे। उनके कार्यकाल में अरपा-भैंसाझार-चकरभाठा वितरक नहर के निर्माण के लिए की गई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई। वर्तमान में वे वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर के पद पर पदस्थ हैं।
कर्तव्य में लापरवाही और नियमों का उल्लंघन
सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि तिवारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और उदासीनता दिखाई है।
निलंबन आदेश जारी, मुख्यालय बिलासपुर तय
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग में निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।





