UPSC-SSC परीक्षाओं में 5 साल में कोई पेपर लीक नहीं: सरकार ने राज्यसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि पिछले पांच वर्षों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई है। यह जानकारी कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा के सवाल के लिखित जवाब में दी।
मनोज कुमार झा ने सरकार से पिछले पांच सालों में भर्ती परीक्षाओं में हुई पेपर लीक की घटनाओं, सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों और उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके विभाग के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आने वाली दोनों एजेंसियों—UPSC और SSC—द्वारा आयोजित परीक्षाओं में इस अवधि के दौरान पेपर लीक की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।
सरकार ने बताया कि धोखाधड़ी और पेपर लीक की घटनाओं से सख्ती से निपटने के लिए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ लागू किया गया है। इस कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून UPSC, SSC, RRB, NTA और IBPS जैसी प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होता है।
हालांकि, हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक के आरोप और विरोध प्रदर्शन सामने आते रहे हैं। पिछले साल गुजरात में UPSC प्रीलिम्स के पेपर लीक की खबरें आई थीं, लेकिन आयोग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। वहीं, SSC की कुछ परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। कुछ परीक्षाएं स्थगित या संदेह के आधार पर रद्द भी की गई थीं।
सरकार के इस बयान के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।





