सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस के रखरखाव की नई व्यवस्था, अब निजी एजेंसियां संभालेंगी जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस के रखरखाव को लेकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन सरकारी भवनों का मेंटेनेंस निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार हो और मरम्मत व रखरखाव का काम समय पर किया जा सके।
नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में उन बड़े शहरों को शामिल किया गया है, जहां सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस का उपयोग सबसे अधिक होता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और रीवा जैसे प्रमुख शहरों के भवन इस योजना के तहत आएंगे।
प्रशासन का मानना है कि निजी एजेंसियों के माध्यम से मेंटेनेंस होने से नियमित निगरानी संभव होगी। इससे साफ-सफाई, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से सरकारी अतिथि गृहों में ठहरने वाले आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं और संतोषजनक अनुभव मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी भवनों का रखरखाव अधिक पेशेवर तरीके से हो और लंबे समय तक उनकी स्थिति बेहतर बनी रहे। आने वाले समय में योजना का दायरा बढ़ाकर अन्य शहरों और भवनों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।





