रायपुर जिले में नई गाइडलाइन दरें लागू, जमीन-मकानों के दाम अब होंगे ज्यादा पारदर्शी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थावर संपत्तियों (जमीन-मकान) की नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से लागू कर दी हैं। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने वर्ष 2025-26 के लिए इन दरों को मंजूरी दी है। रायपुर जिले में वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार गाइडलाइन दरों का व्यापक और तार्किक पुनरीक्षण किया गया है।
कई वर्षों से गाइडलाइन दरें अपडेट नहीं होने के कारण शहर और गांवों में संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य और सरकारी दरों में बड़ा अंतर आ गया था। इस असंतुलन को दूर करने के लिए अब नई गाइडलाइन तैयार की गई है। पिछले वर्षों में रायपुर नगर निगम के वार्डों का परिसीमन हुआ, नए रास्ते, कॉलोनियां, व्यावसायिक परिसर और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए, लेकिन गाइडलाइन में इनका समुचित समावेश नहीं हो पाया था।
नई गाइडलाइन में अब रोड आधारित दर प्रणाली अपनाई गई है। यानी एक ही सड़क पर स्थित समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों में अब अलग-अलग दरें नहीं होंगी। जहां पहले एक ही मार्ग पर अलग-अलग कीमतें थीं, उन्हें युक्तियुक्त करते हुए एक समान और व्यावहारिक दर तय की गई है। उदाहरण के तौर पर रिंग रोड नंबर-2, रायपुर-बिलासपुर रोड और रायपुर-बलौदाबाजार रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर दरों को समायोजित कर बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही स्वीकृत कॉलोनियों में नाम के आधार पर अलग-अलग दरें रखने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब समान स्थिति वाली कॉलोनियों के लिए एक ही दर लागू होगी। इससे लोगों को जमीन-मकान की कीमत समझने में आसानी होगी।
गाइडलाइन को सरल बनाने के लिए कंडिकाओं (शर्तों/विभागों) की संख्या भी कम की गई है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जहां पहले 861 कंडिकाएं थीं, अब उन्हें घटाकर 454 कर दिया गया है। इससे दस्तावेजों की जटिलता भी कम होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों का पुनरीक्षण किया गया है। रायपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग और आसपास के गांवों में मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्रों के लिए नई, एकरूप और युक्तियुक्त दरें तय की गई हैं। अन्य प्रमुख ग्रामों में भी समान परिस्थिति के आधार पर दरों को एक जैसा किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस नई गाइडलाइन से संपत्ति मूल्यांकन में पारदर्शिता, सरलता और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप व्यवस्था बनेगी, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।





