मध्य प्रदेश में आदतन अपराधी की नई परिभाषा तय, पैरोल के नियम होंगे सख्त

मध्य प्रदेश की जेलों के लिए पहली बार आदतन अपराधी की स्पष्ट परिभाषा तय की जा रही है। नए प्रावधानों के तहत यदि कोई व्यक्ति पांच साल के भीतर एक जैसे मामलों में दो से अधिक बार जेल जाता है, तो उसे आदतन अपराधी माना जाएगा। ऐसे कैदियों को पैरोल आसानी से नहीं मिलेगी और उनके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जाएगी।
राज्य सरकार मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम में इस संबंध में प्रावधान जोड़ने जा रही है। प्रस्तावित नियमों में आदतन अपराधी से जुड़े प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। जेल मुख्यालय द्वारा तैयार किए गए नियमों का विधि विभाग और जेल विभाग परीक्षण कर रहे हैं। अधिनियम के अंतर्गत करीब एक हजार नियम प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें कुछ बदलाव भी सुझाए गए हैं।
यह अधिनियम लगभग एक वर्ष पहले लागू किया जाना था, लेकिन नियमों को अंतिम रूप न दिए जाने के कारण इसमें देरी हुई। अब माना जा रहा है कि सभी नियमों को मंजूरी मिलने के बाद अप्रैल से पहले यह अधिनियम प्रभावी हो सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2023 में तैयार किए गए आदर्श कारागार अधिनियम के आधार पर राज्य सरकार यह नया कानून लागू करने जा रही है। इसके लागू होने के बाद जेलों का नाम बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था होगा। साथ ही कैदियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और अवकाश से जुड़े नियमों को सरल बनाया जाएगा।
नए कानून के लागू होने से जेल व्यवस्था में सुधार लाने और अपराधियों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





