शहर में अतिक्रमण पर लगाम कसने की जरूरत, स्थायी नीति बनाने की उठी मांग

छत्तीसगढ़:शहर के बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अवैध अतिक्रमण दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। दुकानदार खुलेआम फुटपाथ और सड़कों पर कब्जा कर निगम प्रशासन को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। नतीजा यह है कि रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या से आम लोग परेशान हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम नहीं उठा रहा है। अतिक्रमण रोकने के लिए एक स्थायी नीति बनाने की जरूरत है। भवन निर्माण की अनुमति तभी दी जानी चाहिए जब दुकान मालिक पार्किंग की जगह तय करें। इसके अलावा सड़क पर निर्माण सामग्री रखने वालों और पार्किंग स्थल का गलत उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सुझाव है कि पहली बार गलती करने पर जुर्माना लगाया जाए और दोबारा अतिक्रमण करने पर एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष वाहनों से रोजाना कार्रवाई होनी चाहिए।
लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि “अतिक्रमण मितान” नामक एक टीम बनाई जाए, जो इन इलाकों की नियमित निगरानी करे। अगर कोई फिर से अवैध कब्जा करता है तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जाए।
स्थायी नीति और सख्त कदमों से ही शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकता है।





