साजिश रचने के मूड में मुनीर, आंखें मूंद लेगा अमेरिका? इस्लामाबाद में वार्ता भारत के लिए मुश्किल का सबब तो नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभावित समझौते की खबरें भारत की सुरक्षा चिंताओं को नया मोड़ दे रही हैं. यदि यह डील हो गई तो पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ट्रंप प्रशासन के और करीब आ जाएंगे. फिर मुनीर इसका फायदा उठाकर भारत के खिलाफ नई साजिश रच सकते हैं और वॉशिंगटन इस बार आंखें मूंद सकता है. सूत्रों के मुताबिक, समझौते के बाद पाकिस्तान को अमेरिकी आर्थिक मदद मिलने की संभावना है. इससे आतंक की फंडिंग और बढ़ सकती है. सूत्रों के मुताबिक, पहले से ही ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किए गए कई आतंकी ठिकानों के बॉर्डर पर ज्यादा सुरक्षित तरीके से फिर सक्रिय होने की संभावना हैं. पहलगाम जैसी घटना दोहराए जाने का खतरा भी बढ़ सकता है.डोनाल्ड ट्रंप पहले भी पाकिस्तान को खुलकर सपोर्ट दे चुके हैं. पाकिस्तान आर्मी चीफ मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाकर ट्रंप ने साफ संदेश दिया था कि वे पाकिस्तान को खास तवज्जो दे रहे हैं. उसी समय ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी वाशिंगटन में लंच/डिनर का निमंत्रण भेजा था, लेकिन मोदी जी ने इसे ठुकरा दिया.20 जून 2025 को ओडिशा के भुवनेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि ट्रंप ने कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्हें वाशिंगटन बुलाया था, लेकिन पीएम मोदी ने भगवान जगन्नाथ की भूमि ओडिशा (जगन्नाथ धाम) की यात्रा को प्राथमिकता दी और अमेरिकी राष्ट्रपति का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया.हालांकि भारत हर स्थिति के लिए तैयार है. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान-ट्रंप गठजोड़ के बढ़ते संकेतों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां बॉर्डर पर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सक्रिय हुए आतंकी ठिकानों पर नजर रखी जा रही है.
ईरान-अमेरिका समझौते में पाकिस्तान की भूमिका एक नई रणनीतिक स्थिति जरूर बना सकती है, लेकिन इसका वास्तविक असर कई कारकों पर निर्भर करेगा.
सबसे बड़ा सवाल क्या ईरान-अमेरिका डील पाकिस्तान को नया स्पॉन्सर देगी? क्या ट्रंप फिर से भारत की उपेक्षा कर पाकिस्तान को दुलारेंगे? जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा, लेकिन दिल्ली की चिंता जायज है. भारत की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर पूरी तैयारी है.





