बिलासपुर में करोड़ों की ठगी: टेंडर और सप्लाई के नाम पर व्यवसायी से 5.29 करोड़ की धोखाधड़ी

बिलासपुर। शहर के एक गारमेंट व्यवसायी के साथ 5.29 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपियों ने फर्जी संस्था बनाकर सरकारी टेंडर का झांसा दिया और दिल्ली बुलाकर व्यवसायी से करोड़ों रुपये ले लिए।
मनोज तिवारी, जो कि गारमेंट व्यवसायी हैं, ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में कुछ लोगों ने खुद को राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने सरकारी लोगो और नकली दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया और दिल्ली बुलाया
दिल्ली में
25 लाख रुपये डीडी और
15 लाख रुपये नकद सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में लिए गए।
इसके बाद उनसे 30 करोड़ रुपये का सप्लाई एग्रीमेंट साइन कराया गया और कहा गया कि उन्हें कर्नाटक के जिलों में स्वेटर भेजने होंगे।
सप्लाई के बाद भी नहीं मिला पैसा
मनोज तिवारी ने समय पर अच्छे क्वालिटी के स्वेटर सप्लाई कर दिए। लेकिन जब उन्होंने भुगतान मांगा, तो उन्हें 5.29 करोड़ रुपये का एक चेक दिया गया, जो बैंक में बाउंस हो गया। बाद में पता चला कि जिस संस्था के नाम पर ये डील हुई, उसके सभी बैंक डॉक्यूमेंट भी आरोपियों के कब्जे में हैं।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अनीता उपाध्याय, करुणाकर उर्फ रत्नाकर उपाध्याय, सौरभ सिंह और प्रांशु अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यह मामला व्यापारियों को सतर्क रहने की सख्त जरूरत की ओर इशारा करता है।





