रायपुर में मां-बेटे ने साथ में पास की साक्षरता परीक्षा, दी प्रेरणा की मिसाल

रायपुर के तेलीबांधा में रहने वाली 50 वर्षीय राधा निषाद और उनके 28 वर्षीय बेटे अजय निषाद ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती। दोनों ने एक साथ बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया और सफलता हासिल की। उनकी यह सफलता सभी के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
शिक्षा के प्रति जज्बा और मेहनत लाई रंग
राधा निषाद और अजय निषाद दोनों ही निरक्षर थे। लेकिन, शिक्षा प्राप्त करने की उनकी तीव्र इच्छा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। जब उन्हें इस परीक्षा के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने एक साथ तैयारी करने का फैसला किया। मां-बेटे की इस मेहनत और लगन ने उन्हें हिम्मत दी और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी।
परीक्षा के दिन दोनों ने परीक्षा केंद्र पर अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और दोनों ने सफलता हासिल की। उनकी इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया कि अगर मन में सच्ची लगन और मेहनत करने की हिम्मत हो, तो कोई भी रुकावट सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।
समाज के लिए प्रेरणा बनी यह सफलता
राधा और अजय की यह कहानी समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि शिक्षा पाने की कोई उम्र नहीं होती। अगर जज्बा हो तो किसी भी उम्र में सीखना संभव है। उनकी सफलता उन सभी लोगों को प्रेरित कर रही है जो किसी कारणवश शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाए।
यह प्रेरणादायक घटना न सिर्फ राधा और अजय की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह साबित करती है कि कभी भी सीखने और आगे बढ़ने का प्रयास किया जा सकता है। उनके इस प्रयास को देखकर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही है।





