देशभर में मानसून का कहर: बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त

दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिससे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के हालात पैदा हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं। इससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, झारखंड, असम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। ट्रेनें लेट हैं और कई फ्लाइटें रद्द करनी पड़ी हैं। IMD के अनुसार, 8 से 13 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और तूफानों के साथ भारी बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। थुनाग, गोहर और करसोग में जानमाल का नुकसान हुआ है। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के पास अलकनंदा नदी उफान पर है और बद्रीनाथ हाईवे बार-बार बंद हो रहा है। लद्दाख में भी भूस्खलन के बाद दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
नागालैंड के दीमापुर में बाढ़ के कारण करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि ओडिशा में दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। झारखंड के रांची में कच्चा मकान गिरने से एक बच्चे की मौत हुई। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। हिमाचल में अब तक 494 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने, नदियों के पास न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।





