मोबिक्विक ग्लिच से नूंह में रातों-रात बने लखपति, 40 करोड़ निकाले गए

हरियाणा। हरियाणा की डिजिटल पेमेंट कंपनी मोबिक्विक के एप में हुए सॉफ्टवेयर अपडेट की गलती के कारण नूंह, पलवल और गुरुग्राम जिलों में कई लोग रातों-रात लखपति बन गए। अपडेट के दौरान सिक्योरिटी चेक डिसेबल होने से यूजर्स ने 11-12 सितंबर के बीच लगभग 48 घंटे में 40 करोड़ रुपए अवैध रूप से निकाले। यह मामला 12 सितंबर को कंपनी के इंटरनल ऑडिट में पकड़ में आया।
सबसे ज्यादा रकम नूंह जिले में निकाली गई। मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र के वॉलेट में 1.13 करोड़ रुपए दिखे, जबकि दो अन्य यूजर्स के वॉलेट में 7.5 लाख रुपए आए। इस दौरान ट्रांजैक्शन UPI के जरिए हुए और सिक्योरिटी बाइपास की वजह से बिना पर्याप्त बैलेंस या गलत UPI पिन डालने पर भी ट्रांजैक्शन सफल दिख रहे थे।
कंपनी ने गुरुग्राम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने नूंह के 5 और पलवल के 1 व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अब तक करीब 2500 खातों को फ्रीज किया गया है, जिनमें अधिकांश व्यापारी और दुकानदार शामिल हैं। नूंह में लघु सचिवालय के कमरा नंबर 428 में 23 सितंबर तक रिकवरी कैंप लगाया गया है। जिन लोगों ने वॉलेट से पैसे निकाले, उन्हें रकम लौटाने का अवसर दिया गया है।
मोबिक्विक ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भी स्थिति स्पष्ट की। कंपनी ने दावा किया कि किसी कर्मचारी की मिलीभगत नहीं थी। टेक्निकल टीम ने सिक्योरिटी ग्लिच को ठीक किया और सिस्टम की जांच जारी है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, अपडेट के दौरान 3 स्टेप का सिक्योरिटी बाइपास हुआ, जिसके कारण ट्रांजैक्शन अनसक्सेसफुल होने के बावजूद सक्सेसफुल दिख रहे थे। घटना के बाद सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रभावित खातों की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।





