दिल्ली में नाबालिग अपराधियों पर वयस्कों की तरह चलेगा मुकदमा

दिल्ली पुलिस अपराधों पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा रही है। आउटर नॉर्थ जिले में 16 से 18 वर्ष के नाबालिग अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि अब तक 62 नाबालिगों के मामलों में अदालत से अपील की गई थी, जिसमें से 7 को वयस्क अपराधियों की तरह मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। यदि वे दोषी पाए गए, तो वयस्कों के लिए निर्धारित सजा दी जाएगी।
संगठित अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता
दिल्ली में बड़े अपराधी गिरोह नाबालिगों को भर्ती कर रहे हैं, क्योंकि वे किशोर न्याय अधिनियम का लाभ उठा सकते हैं। पिछले साल दीपावली पर शाहदरा में एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या के मामले में एक नाबालिग शामिल था। पुलिस के अनुसार, हत्या, लूट और हमले जैसी वारदातों में नाबालिगों की संलिप्तता तेजी से बढ़ रही है।
गंभीर अपराधों में संलिप्तता
डीसीपी ने बताया कि बादली और भलस्वा डेरी थाने में दर्ज मामलों में सात नाबालिग अपराधियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से तीन हत्या के, दो लूटपाट के, और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल हैं। इनकी आपराधिक प्रवृत्ति और मानसिक स्थिति की जांच के बाद अदालत ने उन्हें वयस्कों की तरह मुकदमे का सामना करने की अनुमति दी।
नाबालिगों द्वारा हाल के अपराध
- 2 सितंबर 2024: जहांगीरपुरी आश्रय गृह में एक किशोर के साथ कुकर्म।
- 26 अगस्त 2024: जहांगीरपुरी में नाबालिगों के बीच चाकूबाजी।
- 23 अगस्त 2024: बेगमपुर में एक नाबालिग द्वारा स्कूल बस में बच्ची से छेड़छाड़।
- 7 अगस्त 2024: जहांगीरपुरी में नाबालिगों द्वारा युवक की हत्या।
- 23 जुलाई 2024: आजादपुर में चाकूबाजी की वारदात।
- 28 अप्रैल 2024: बाजितपुर में नाबालिग ने पिता के साथ युवक की हत्या।
- 3 अप्रैल 2024: जहांगीरपुरी में दो नाबालिगों द्वारा युवक पर चाकू से हमला।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अब नाबालिगों के अपराधों को हल्के में नहीं ले रही। कोर्ट द्वारा नाबालिगों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति सख्त कानून व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस इस अभियान को दिल्ली के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना बना रही है ताकि अपराधों में कमी लाई जा सके।
दिल्ली में नाबालिग अपराधियों पर वयस्कों की तरह चलेगा मुकदमा
दिल्ली पुलिस अपराधों पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा रही है। आउटर नॉर्थ जिले में 16 से 18 वर्ष के नाबालिग अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि अब तक 62 नाबालिगों के मामलों में अदालत से अपील की गई थी, जिसमें से 7 को वयस्क अपराधियों की तरह मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। यदि वे दोषी पाए गए, तो वयस्कों के लिए निर्धारित सजा दी जाएगी।
संगठित अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता
दिल्ली में बड़े अपराधी गिरोह नाबालिगों को भर्ती कर रहे हैं, क्योंकि वे किशोर न्याय अधिनियम का लाभ उठा सकते हैं। पिछले साल दीपावली पर शाहदरा में एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या के मामले में एक नाबालिग शामिल था। पुलिस के अनुसार, हत्या, लूट और हमले जैसी वारदातों में नाबालिगों की संलिप्तता तेजी से बढ़ रही है।
गंभीर अपराधों में संलिप्तता
डीसीपी ने बताया कि बादली और भलस्वा डेरी थाने में दर्ज मामलों में सात नाबालिग अपराधियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से तीन हत्या के, दो लूटपाट के, और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल हैं। इनकी आपराधिक प्रवृत्ति और मानसिक स्थिति की जांच के बाद अदालत ने उन्हें वयस्कों की तरह मुकदमे का सामना करने की अनुमति दी।
नाबालिगों द्वारा हाल के अपराध
- 2 सितंबर 2024: जहांगीरपुरी आश्रय गृह में एक किशोर के साथ कुकर्म।
- 26 अगस्त 2024: जहांगीरपुरी में नाबालिगों के बीच चाकूबाजी।
- 23 अगस्त 2024: बेगमपुर में एक नाबालिग द्वारा स्कूल बस में बच्ची से छेड़छाड़।
- 7 अगस्त 2024: जहांगीरपुरी में नाबालिगों द्वारा युवक की हत्या।
- 23 जुलाई 2024: आजादपुर में चाकूबाजी की वारदात।
- 28 अप्रैल 2024: बाजितपुर में नाबालिग ने पिता के साथ युवक की हत्या।
- 3 अप्रैल 2024: जहांगीरपुरी में दो नाबालिगों द्वारा युवक पर चाकू से हमला।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अब नाबालिगों के अपराधों को हल्के में नहीं ले रही। कोर्ट द्वारा नाबालिगों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति सख्त कानून व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस इस अभियान को दिल्ली के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना बना रही है ताकि अपराधों में कमी लाई जा सके।