RSS की फंडिंग और टैक्स भुगतान पर मंत्री प्रियांक खरगे के सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग

प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की फंडिंग, रजिस्ट्रेशन और कर भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन से जुड़े हजारों सहयोगी संस्थानों को देश-विदेश से धन प्राप्त होता है, जिसकी पारदर्शिता और जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में प्रियांक खरगे ने कहा कि संघ से जुड़े लगभग 2500 सहयोगी संगठन हैं और उन्हें अमेरिका और इंग्लैंड सहित कई देशों से आर्थिक सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि जब अन्य संस्थाओं और आम नागरिकों की आय का पूरा हिसाब रखा जाता है, तो संघ की फंडिंग और उसके स्रोतों पर भी स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मंत्री ने संघ द्वारा प्राप्त ‘गुरु दक्षिणा’ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब फंडिंग के स्रोत के बारे में पूछा जाता है तो ‘गुरु दक्षिणा’ का उल्लेख किया जाता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि यह धन कहां से आता है और उस पर कर का भुगतान क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि देश के सभी संगठनों पर समान रूप से कानून और संविधान लागू होना चाहिए।
प्रियांक खरगे ने यह भी सवाल उठाया कि यदि अन्य संस्थाएं पंजीकरण कराकर और नियमों का पालन करते हुए कार्य करती हैं, तो संघ की कानूनी स्थिति और वित्तीय जवाबदेही भी स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और कानून का पालन सभी संस्थाओं के लिए समान रूप से आवश्यक है।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि संघ ने अपने कार्यालय में लंबे समय तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और अब अन्य संगठनों की देशभक्ति पर सवाल उठाता है। मंत्री ने कहा कि देश में कानून और संविधान सर्वोपरि हैं और सभी संस्थाओं को उसके दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए।





