केरल में भीड़ हिंसा का शिकार बने प्रवासी मजदूर का गांव में होगा अंतिम संस्कार

केरल के पालक्काड जिले में भीड़ हिंसा में मारे गए छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर का शव उसके गृहग्राम पहुंच गया है। सक्ती जिले के करही गांव निवासी रामनारायण बघेल (31) का शव हत्या के छह दिन बाद मंगलवार देर रात गांव लाया गया। आज सुबह परिजनों और ग्रामीणों द्वारा अंतिम दर्शन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बताया गया है कि रामनारायण बघेल 13 दिसंबर को रोज़गार की तलाश में केरल गए थे और वहां एक निर्माण स्थल पर दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान पालक्काड जिले में चोरी की एक घटना के बाद स्थानीय लोग संदिग्धों की तलाश में थे। गलतफहमी के चलते रामनारायण को बांग्लादेशी समझ लिया गया, जिसके बाद भीड़ ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला गलत पहचान के कारण हुई भीड़ हिंसा का है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।





