मस्तूरी के किसानों पर जल संकट की मार, सिंचाई जल की मांग तेज…

मस्तूरी,
मस्तूरी क्षेत्र के किसानों के लिए इस समय जल संकट एक गंभीर चुनौती बन गया है। भूजल स्तर में गिरावट और सिंचाई के लिए पानी की अनुपलब्धता के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार पर हैं। विशेष रूप से टेल एरिया के किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है, जहां सिंचाई के लिए पानी का अभाव प्रमुख समस्या बन चुका है।

इस संकट को देखते हुए, जिला पंचायत सदस्य ने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसलें बचाई जा सकें। जिले के किसान अब इस उम्मीद में हैं कि जलाशय से पानी छोड़े जाने से उनकी फसलें सुरक्षित रह सकेंगी और उनकी मेहनत का फल मिल सकेगा।
मस्तूरी क्षेत्र में किसानों को जल संकट का सामना है, जिससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर हैं। भूजल स्तर गिरने के कारण नलकूप और अन्य जलस्रोत सूखने लगे हैं। सिंचाई जल के अभाव में, खासकर टेल एरिया के किसानों के लिए स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। इस जल संकट के कारण उनकी मेहनत अब खतरे में है और यदि जल आपूर्ति नहीं हुई, तो भारी नुकसान हो सकता है।
हमारी सरकार से अपील है कि किसानों की मदद के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं। यह समय किसानों की मदद करने का है।
किसानों की बढ़ती समस्या को देखते हुए, जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 11 ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़े जाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जल्दी ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।





