तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर माओवादी मुठभेड़: तीन ढेर, हिडमा की तलाश तेज

रायपुर/हैदराबाद, 25 अप्रैल 2025 छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टालु पहाड़ियों में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें अब तक तीन माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना के 10,000 से अधिक जवानों ने अंतर-राज्यीय सीमा क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
हिडमा और अन्य वांछित माओवादियों की मौजूदगी की सूचना
इस ऑपरेशन को अंजाम देने का मुख्य कारण शीर्ष माओवादी नेता मांडवी हिडमा, देवा और दामोदर की संभावित मौजूदगी थी। तीनों पर ₹1 करोड़ तक के इनाम घोषित हैं और माना जा रहा है कि ये सभी कर्रेगुट्टालु के जंगलों में छिपे हुए हैं।
तेलंगाना पुलिस ने भागीदारी से किया इनकार
हालांकि, मल्टी जोन-I के पुलिस महानिरीक्षक एस. चंद्रशेखर रेड्डी ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना पुलिस इस अभियान में सीधे तौर पर शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि यह संयुक्त अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा है।
कर्रेगुट्टालु: माओवादियों का गढ़
कर्रेगुट्टालु पहाड़ियों को माओवादियों का गढ़ माना जाता है। घने जंगलों और दुर्गम इलाकों से ढकी ये पहाड़ियाँ करीब 145 किलोमीटर में फैली हैं, जो छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के बीच की सीमा पर स्थित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में माओवादी पर्चे बांटकर लोगों को इस क्षेत्र में न जाने की चेतावनी दे चुके हैं।
ग्रामीणों में डर का माहौल
स्थानीय लोगों में भय का माहौल है, क्योंकि उन्हें अंदेशा है कि माओवादी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि इलाके में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं, जिससे पुलिस बलों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा है।
अब तक 250 माओवादियों का आत्मसमर्पण
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक 250 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और बाकी को भी मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। तेलंगाना के अभी भी 95 माओवादी छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं।





