आधार-वोटर आईडी लिंक मामले में मनीष तिवारी-अमित मालवीय आमने सामने, सोशल मीडिया में छिड़ा वार

दिल्ली। आधार वोटर आईडी लिंक मामले में कांग्रेस-बीजेपी नेताओं की बयानबाजी जारी है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक राजनेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है और बयानों का जवाब दे रहे है।
इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आधार और वोटर आईडी को लिंक करने के मुद्दे पर बीजेपी नेता अमित मालवीय की आलोचना का जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार को वोटर आईडी से जोड़ना और आधार को सिर्फ पहचान प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करना ये दोनों अलग बातें हैं।
ये कोई रॉकेट साइंस नहीं
मनीष तिवारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है समझने के लिए कि वोटर आईडी से आधार को जोड़ना और सिर्फ पहचान के लिए आधार का उपयोग करना दोनों अलग हैं।” उन्होंने कहा कि आधार में बायोमेट्रिक पहचान होती है, जबकि सिर्फ पहचान प्रमाण के रूप में इसका उपयोग सीमित होता है।
कांग्रेस की मौकापरस्त राजनीति: बीजेपी
इससे पहले बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आधार-वोटर आईडी लिंकिंग को लेकर “बेशर्म यू-टर्न” लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा कि 2021 में कांग्रेस ने संसद में विरोध किया था जब मोदी सरकार ने आधार और वोटर आईडी को स्वैच्छिक रूप से जोड़ने का प्रस्ताव दिया था। अब 2025 में कांग्रेस आधार से वोटर आईडी सत्यापन चाहती है। उन्होंने इसे कांग्रेस की “मौकापरस्त राजनीति” करार दिया।
यह विवाद बिहार में चुनावी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर उठ रहा है, जिसे चुनाव आयोग ने शुरू किया है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की समय-सीमा और सख्त नियमों को लेकर आशंका जताई है कि इससे कई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।





