ममता बनर्जी का वक्फ कानून पर बड़ा दांव: मुस्लिमों के साथ खड़ी, बीजेपी पर तीखा हमला

वक्फ कानून में बदलाव को लेकर मुस्लिम समुदाय केंद्र सरकार से नाराज है। उन्हें लग रहा है कि मोदी सरकार उनके धार्मिक मामलों में दखल दे रही है और वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है। इसी नाराजगी को भुनाने की कोशिश में अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर सामने आ गई हैं।
ममता बनर्जी ने किया वक्फ कानून का विरोध
ममता बनर्जी ने साफ ऐलान किया है कि वह बंगाल में वक्फ कानून को लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं, इमामों और मोअज्जिनों के साथ बैठक कर भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। साथ ही उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर संविधान से खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी देश को हिंदू-मुस्लिम में बांटना चाहती है, लेकिन जब तक वह सत्ता में हैं, ऐसा नहीं होने देंगी। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से हिंसा से दूर रहने और राज्य सरकार पर भरोसा रखने की अपील की।
इंडिया गठबंधन से एकजुट होने की अपील
सीएम ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन से भी अपील की कि वे वक्फ कानून और आने वाले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के खिलाफ मिलकर लड़ें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक मामला नहीं, बल्कि देश के संविधान की रक्षा का सवाल है।
पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी को उम्मीद है कि मुस्लिमों का साथ उन्हें एक बार फिर सत्ता में वापस लाने में मदद करेगा। राज्य में 30% मुस्लिम वोट हैं जो करीब 100-120 सीटों पर असर डालते हैं।
कांग्रेस और लेफ्ट के लिए मुश्किलें
ममता के इस कदम से कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों की चिंता बढ़ गई है। पहले मुस्लिम वोट बैंक इन पार्टियों के साथ था, लेकिन अब टीएमसी उन्हें अपने पाले में रखने की पूरी कोशिश कर रही है। खासकर मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में, जहां मुस्लिम आबादी 50% से ज्यादा है।
बीजेपी ने ममता पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ममता सिर्फ मुस्लिम वोटों के लिए राजनीति कर रही हैं। बीजेपी इस मुद्दे को हिंदुत्व की राजनीति में बदलकर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जैसा वह पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कर चुकी है।
मुस्लिम प्रेम से हो सकता है नुकसान भी
हालांकि, ममता बनर्जी को यह भी ध्यान रखना होगा कि ज्यादा मुस्लिम झुकाव दिखाना कहीं हिंदू वोटरों को नाराज न कर दे। अगर ऐसा होता है, तो 2026 का चुनाव टीएमसी के लिए मुश्किल भी बन सकता है।
वक्फ कानून पर ममता बनर्जी का विरोध एक बड़ा राजनीतिक दांव है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुस्लिमों का समर्थन पाने की यह रणनीति उन्हें फायदा पहुंचाएगी या बीजेपी इस मुद्दे को पलटकर उनके लिए खतरा बना देगी।





