महुआ मोइत्रा ने IPU को लिखी चिट्ठी, किरेन रिजिजू ने संसद में मुझे धमकाया

दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर लोकसभा में उन्हें धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कि उन्होंने इस बारे में अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) को पत्र लिखा है। मोइत्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ‘‘किरेन रिजिजू ने संसदीय नियमों और प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए आज लोकसभा में मुझे खुलेआम धमकाया। लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘‘लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह किरेन रिजिजू के शब्दों को हटवा देंगे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।’’ मोइत्रा ने कहा, ‘‘इस निरंतर लैंगिक उत्पीड़न और धमकी के खिलाफ अंतर-संसदीय संघ को पत्र लिखा है। 

इस टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री को घेर रही मोइत्रा 

लोकसभा में आज मोइत्रा की कुछ टिप्पणियों पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। मोइत्रा ने न्यायमूर्ति बी एच लोया की मृत्यु ‘समय से बहुत पहले’ होने की बात कही जिस पर सदन में हंगामा हुआ और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें ‘उचित संसदीय कार्रवाई’ की चेतावनी दी। मोइत्रा ने सदन में ‘संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा’ में भाग लेते हुए केंद्र सरकार पर संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

मोइत्रा के बयान पर सत्तापक्ष के हंगामे के कारण बैठक बाधित

लोकसभा में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस सदस्य महुआ मोइत्रा की कुछ टिप्पणियों पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। मोइत्रा ने सदन में ‘संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा’ में भाग लेते हुए केंद्र सरकार पर संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दस वर्ष में राजनीतिक ओहदेदारों ने लोकतंत्र को क्रमिक तरीके से नुकसान पहुंचाया है। 

सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाते हुए आपत्ति जताई

तृणमूल कांग्रेस सांसद के भाषण के बाद सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाते हुए आपत्ति जताई। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जब यह मुद्दा उठाने का प्रयास किया तो पीठासीन सभापति कुमारी सैलजा ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। बाद में आसन पर अध्यक्ष ओम बिरला आसीन हुए और उनके अनुमति देने के बाद दुबे ने कहा कि न्यायमूर्ति बी एच लोया की मौत का जिक्र तृणमूल कांग्रेस सांसद ने किया है, जबकि उनकी असामयिक मौत की पुष्टि अन्य न्यायाधीशों ने भी की थी।  

रिजिजू ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, ‘‘अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लिया है। मैं सदन को सूचित करना चाहता हूं कि इस पर कार्रवाई होगी। हम लोग की तरफ से उचित संसदीय कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की टिप्पणी पर आप बच नहीं सकते। यह गलत परंपरा है।’’ मंत्री के बयान पर तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य हंगामा करने लगे। सत्तापक्ष के सदस्य भी तृणमूल सांसद के बयान पर आपत्ति जता रहे थे। दोनों पक्षों के हंगामे के कारण अध्यक्ष ने शाम करीब 5.23 बजे कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। बैठक फिर शुरू होने पर पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने भाजपा सदस्य जगदंबिका पाल को चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। पाल अपनी बात शुरू कर पाते, इसी बीच विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा शुरू कर दिया गया। सैकिया ने हंगामा कर रहे सदस्यों को समझाने का प्रयास किया। किंतु उनकी अपील का असर न होते देख उन्होंने सदन की बैठक एक बार फिर शाम छह बजकर पंद्रह मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। 

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