छत्तीसगढ़ की महिलाओं को संबल दे रही है महतारी वंदन योजना,अब तक 70 लाख महिलाओं को मिल चुका लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए एक बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत 21 से 59 साल की उम्र की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को कुल ₹10,433.64 करोड़ की राशि उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
कठिन समय में बना सहारा
सुकमा जिले की आदिवासी महिला माड़वी अनिता बताती हैं कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि को अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करती हैं। अनिता कहती हैं, “पहले भविष्य को लेकर चिंता रहती थी, अब राहत है कि मेरी बेटियों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा हो रहे हैं।”
आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं
छिंदगढ़ की शांति नाग कहती हैं कि पहले रोजमर्रा की ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल था, लेकिन अब इस योजना से उन्हें घरेलू खर्चों में मदद मिली है। वे बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे पा रही हैं। उनका कहना है कि अब वे खुद को आत्मनिर्भर और समाज में सम्मानित महसूस करती हैं।
पढ़ाई के लिए बनी वरदान
बालोद जिले की मंजूलता और सविता टेकाम भी इस योजना को अपने जीवन में एक वरदान मानती हैं। मंजूलता बताती हैं कि उनके बेटे की कॉलेज की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाना मुश्किल था, लेकिन अब हर महीने आने वाली राशि से वह नियमित रूप से फीस जमा कर पा रही हैं।
वहीं सविता टेकाम कहती हैं कि उन्होंने अपनी बेटी सुधा के हेल्थकेयर कोर्स की फीस इसी योजना की मदद से जमा की है। सविता कहती हैं, “अब हमें लगता है कि हमारे सपनों को पंख मिल गए हैं।”
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी लाभार्थी महिलाओं से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड अपडेट करवाएं, ताकि राशि समय पर उनके खातों में ट्रांसफर हो सके। कई महिलाओं को आधार इनएक्टिव होने की वजह से भुगतान नहीं हो पाया है।
योजना की शुरुआत
मार्च 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनके पोषण स्तर को बढ़ाना और समाज में समानता को बढ़ावा देना है। योजना के तहत महिलाओं को साल में कुल ₹12,000 की आर्थिक मदद मिलती है।
इस योजना से मदद पाने वाली कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है।





