मध्यप्रदेश में शीतलहर से राहत, लेकिन कोहरा बना चुनौती

मध्यप्रदेश में अगले पांच दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में दिन के तापमान में वृद्धि होगी, लेकिन सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। भोपाल, इंदौर और पचमढ़ी जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का पारा 6.2 डिग्री तक पहुंचा, जबकि भोपाल में 5.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो नवंबर महीने का ओवरऑल रिकॉर्ड है।
प्रदेश में 6 नवंबर से ही शीतलहर का दौर जारी था। इस बार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर बनी रही, जबकि इंदौर में पिछले 25 साल का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड टूटा।
हालांकि पिछले दो दिन से तेज ठंड में कुछ राहत मिली है, लेकिन सुबह के समय कई इलाकों में 100 मीटर के बाद विजिबिलिटी कम हो रही है। शाजापुर, अकोदिया और शुजालपुर में घना कोहरा छाया, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने ट्रैफिक और स्वास्थ्य संबंधित एडवाइजरी भी जारी की है।
ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति से ड्राइविंग करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य एडवाइजरी में शरीर को गर्म रखने, सिर, गर्दन और हाथ-पैर की उंगलियों को ढकने और फ्लू या सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। कृषि के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें बुआई और फसल संरक्षण संबंधी निर्देश दिए गए हैं।
शीतलहर के दौरान प्रदेश में अब तक दो लोगों की मौत हुई है। रीवा और रायसेन में शीतलहर के कारण लोगों की जान गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिन के लिए किसी भी जिले में शीतलहर का अलर्ट नहीं जारी किया है, लेकिन सुबह के कोहरे को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में इस महीने रात के तापमान में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन शीतलहर की तीव्रता अगले पांच दिनों तक कम रहेगी।





