फ्लाइट में बिना इयरफोन तेज संगीत सुनना पड़ सकता है महंगा, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

हवाई यात्रा के दौरान बिना इयरफोन के तेज आवाज में गाना सुनना अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनने के साथ-साथ कार्रवाई का कारण भी बन सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे व्यवहार को अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना जाएगा और संबंधित यात्री के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के अनुसार, हवाई यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों को असुविधा पहुंचाना नागरिक उड्डयन नियमों का उल्लंघन है। इस तरह के मामलों में कार्रवाई नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी सिविल एविएशन आवश्यकताओं के तहत की जाएगी। इन दिशा-निर्देशों में विमान के भीतर अनुशासन बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी बताई गई है।
एयरक्राफ्ट नियम 1937 के तहत एयरलाइंस को यह अधिकार दिया गया है कि वे अनुशासनहीन यात्री को विमान में चढ़ाने या उतारने से मना कर सकती हैं। इसके अलावा पायलट-इन-कमांड को भी यह अधिकार है कि वह विमान की सुरक्षा या व्यवस्था को प्रभावित करने वाले यात्री के खिलाफ आवश्यक कदम उठा सके। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित यात्री पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी मौजूद है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों के मनोरंजन के लिए विमान में इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट की सुविधा उपलब्ध होती है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से संगीत सुनते समय इयरफोन का उपयोग करना जरूरी है ताकि अन्य यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सरकार का कहना है कि विमान में अनुशासन और शांति बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौजूदा प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।





