कुर्मी समाज ने चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर जताया विरोध, खोडस कश्यप बोले- कोई ठोस सबूत नहीं

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने प्रतिनिधियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की और चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी का विरोध जताया। खोडस कश्यप ने कहा कि चैतन्य बघेल एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति हैं और उन पर लगे आरोपों के समर्थन में अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
कश्यप ने बताया कि चैतन्य को उनके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया, जिससे रक्षाबंधन पर उनकी बहनों को जेल जाकर राखी बांधनी पड़ी। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रताड़ना बताया और कहा कि यह केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कुर्मी समाज और छत्तीसगढ़िया समुदाय को प्रभावित कर रही है।
कश्यप ने स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र योजना का नाम बदलने पर भी विरोध जताया। उनका कहना है कि स्वामी आत्मानंद उनके समाज के पूजनीय व्यक्तित्व हैं और योजना का नाम बदलना समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी मनमानी जारी रखी तो समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्मी समाज शांतिप्रिय है, लेकिन अपने सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेगा।
कश्यप की इस पहल से कुर्मी समाज में एकजुटता दिख रही है। उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व से मांग की कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर पुनर्विचार किया जाए और समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाए। इस बीच, कुर्मी समाज के प्रतिनिधियों ने समाज के अन्य सदस्यों से भी शांति बनाए रखने और धैर्य रखने की अपील की है, ताकि मुद्दों को संवैधानिक और कानूनी माध्यम से हल किया जा सके।





