जानिए अमिताभ बच्चन क्यों लेना चाहते थे बॉलीवुड से संन्यास?

भारतीय फिल्म इंडसट्री में ऐसी कई हस्तियां हुई हैं जिन्हें पर्दे पर आसानी से सफलता नहीं मिली और असफलता का स्वाद चखने के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदल ली। हालांकि, कुछ सेलिब्रिटी ऐसे भी हैं जो लगातार संघर्ष करते रहे और फिर एक ऐसा मुकाम आया कि वे स्टारडम हासिल करने में सफल हुए। इस आर्टिकल में भी हम एक ऐसे अभिनेता के बारे में बात कर रहे हैं जिन्हें शुरुआत में कामयाबी नहीं मिली और लगातार 10 फ्लॉप के बाद वे एक्टिंग से संन्यास लेवा चाहते थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। और वो अभिनेता 80 पार के बाद भी अभिनय में शुमार है और हिट दे रहा है।
यहां हम जिस अभिनेता के बारे में बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन हैं, जो 82 साल की उम्र में भी अहम रोल प्ले कर रहे हैं। भारतीय फिल्म उद्योग में सबसे प्रमुख और महान हस्तियों में से एक अमिताभ बच्चन को अक्सर बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ के रूप में जाना जाता है। इस मेगास्टार ने सन 1969 में फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से अपने अभिनय की शुरुआत की थी।

बिग बी को शोले, दीवार, अमर अकबर एंथनी और डॉन जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए जाना जाता है। हालांकि सन 1973 में आई जंजीर ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया। इस फिल्म ने उन्हें भारतीय सिनेमा के ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में स्थापित किया और उन्हें स्टारडम तक पहुंचाया था। अमिताभ बच्चन का फिल्मी करियर पांच दशकों से ज्यादा लंबा है, और वे भारतीय सिनेमा में एक प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्ति बने हुए हैं, जिन्होंने दुनिया भर में लाखों प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। लेकिन क्या आप जानते हैं, जंजीर से पहले 12 फ्लॉप फिल्मों के बाद वे बॉलीवुड छोड़ना चाहते थे? एक बार राइटर और सलमान के पिता सलीम खान ने अमिताभ बच्चन के करियर के बारे में एक दिलचस्प जानकारी साझा की थी।

सलीम खान के अनुसार, एक समय पर अमिताभ को लगातार लगभग 12 फिल्मों में असफलता का सामना करना पड़ा था, और वो उस वक्त फिल्म उद्योग छोड़ने के बारे में सोच रहे थे। हालांकि, उनकी किस्मत ने फिल्म जंजीर से एक मोड़ लिया, जो उनके अभिनय करियर में एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया। जंजीर से पहले अमिताभ की बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण यह हिचकिचाहट पैदा हुई। सलीम खान ने जिक्र किया कि अमिताभ की पिछली फिल्मों की असफलताओं की सीरीज मुख्य रूप से अभिनेता की बजाय फिल्मों की क्वालिटी के कारण थी।

उन्होंने अमिताभ की अभिनय प्रतिभा, प्रभावशाली आवाज और करिश्माई व्यक्तित्व को पहचाना। ये वो वक्त था जब अमिताभ फिल्म उद्योग छोड़ने की कगार पर थे। सलीम खान की मानें तो वे भी नए थे, वे अच्छी आवाज और व्यक्तित्व वाले अच्छे अभिनेता थे। बाकी फिल्में जो असफल रहीं, वे इसलिए हुईं क्योंकि वे खराब फिल्में थीं, अभिनेताओं को आमतौर पर इसके लिए दोष लेना पड़ता है। उनकी लगभग 12 फिल्में फ्लॉप रहीं और तब उन्होंने फिल्म उद्योग छोड़कर और जाने का फैसला कर लिया था।

लेकिन बाद में उन्हें जंजीर मिली और इसके जरिए बिग बी के करियर को पुनर्जीवित करने के लिए सलीम खान ने फिल्म में जया बच्चन को लेने का सुझाव दिया, जो उस समय एक प्रमुख अभिनेत्री थीं। आखिरकार जंजीर में अमिताभ बच्चन के चरित्र के चित्रण ने न सिर्फ उनके करियर को पुनर्जीवित किया, बल्कि उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली अभिनेताओं में से एक बना दिया। यह फिल्म अपनी रिलीज के साल में बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बन गई।

सलीम खान ने यह भी खुलासा किया कि जंजीर में भूमिका के लिए मुख्य दावेदारों में धर्मेंद्र, दिलीप कुमार और देव आनंद शामिल थे, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से फ़िल्म को अस्वीकार कर दिया था। सलीम ने कहा, ‘यह नियति का मामला था क्योंकि स्क्रिप्ट डायलॉग्स के साथ तैयार थी, जिसे भी यह पसंद आया- हमारे दिमाग में धर्मेंद्र थे, और उन्होंने इसे नहीं किया, कुछ ऐसा जिसका मुझे हमेशा थोड़ा दुख होता है।

जंजीर को और अधिक आकर्षक बनाने और अमिताभ के करियर को पुनर्जीवित करने के लिए, सलीम खान ने फिल्म में जया बच्चन को लेने का सुझाव दिया, जो उस समय एक प्रमुख अभिनेत्री थीं, और उनकी भागीदारी ने परियोजना की बाजार क्षमता को बढ़ाया। ये फिल्म अपनी रिलीज के वर्ष में बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बन गई।

अमिताभ बच्चन ने सन 1969 में सात हिंदुस्तानी से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन पहली ही फिल्म सुपर फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद सफलता का स्वाद चखने के लिए अमिताभ बच्चन को काफी समय तक संघर्ष करना पड़ा। सात हिंदुस्तानी के बाद अमिताभ को कई फिल्में मिली, लेकिन कोई भी उनकी किस्मत को चमकाने में सफल साबित नहीं हो रही थी। लगातार उन्होंने 12 फ्लॉप फिल्में दीं, जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि मानों सफलता ने उनसे मुंह मोड़ लिया है।

एक ओर बॉक्स ऑफिस पर अमिताभ बच्चन असफल साबित हो रहे थे, और दूसरी ओर उनके साथ ही पर्दे पर काम करने के लिए कोई भी हीरोइन नहीं मिल रही थीं। लेकिन सन 1969 को सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखने वाले अमिताभ बच्चन की किस्मत सन 1973 में आई फिल्म जंजीर ने पलट दी। हालांकि इससे पहले फ्लॉप फिल्में देने की वजह से उस जमाने की तमाम हीरोइन अमिताभ बच्चन के साथ काम करने से इनकार कर चुकी थी, जिसके बाद जंजीर फिल्म में उनके साथ काम करने के लिए जया बच्चन राजी हुई थीं।

अमिताभ बच्चन की फ्लॉप फिल्मों में सात हिंदुस्तानी, एक नज़र, बंसी बिरजू, बंधे हाथ, गहरी चाल, संजोग, सौदागर, परवाना, प्यार की कहानी, रास्ते का पत्थर, रेशमा और शेरा शामिल है। जिसमें सौदागर फिल्म को ऑस्कर के लिए चयनित भी किया गया था, लेकिन इन सभी फिल्मों के साथ ही सौदागर फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।

अमिताभ बच्चन ने अपने शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरुष्कार जीते हैं। बिग बी ने 4 राष्ट्रीय फिल्म पुरुष्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्म फेयर आवार्ड जीता था। साथ ही पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरुष्कार से भी सम्मानित किया गया। जंजीर से पहले एक भी ऐसी फिल्म नहीं थी जिसे अमिताभ ने अकेले अपने कंधों पर उठाया हो। सात हिंदुस्तानी, प्यार की कहानी, परवाना, एक नज़र, रास्ते का पत्थर, गरम मसाला (विशेष उपस्थिति), और बंसी बिरजू फ्लॉप रहीं। ज़ंजीर के ठीक पहले या बाद रिलीज़ हुई गहरी चाल और बंधे हाथ जादू पैदा करने में असफल रहीं।

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