केदारनाथ आपदा: लापता लोगों की खोज फिर शुरू करने की तैयारी, 702 मृतकों की अब तक नहीं हुई पहचान

दिल्ली। 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई भीषण आपदा में लापता हुए 3075 लोगों में से कई का आज तक कोई पता नहीं चला है। इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार से मांग की गई थी कि लापता लोगों के अवशेषों को खोज कर उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाए।

कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार अब तक चार बार सर्च टीमें भेज चुकी है, लेकिन अभी भी सैकड़ों परिवार अपने प्रियजनों के बारे में जानने को तरस रहे हैं। 2020 में खोजी टीमों ने चट्टी और गौमुखी क्षेत्र से 703 नरकंकाल बरामद किए थे। इससे पहले 2014 में 21 और 2016 में 9 कंकाल मिले थे। नवंबर 2024 में 10 टीमों को पैदल मार्गों पर भेजा गया, लेकिन वे खाली हाथ लौटीं। सर्च के दौरान मिले कंकालों का डीएनए टेस्ट कर परिजनों से मिलान किया गया, लेकिन कई मामलों में पहचान नहीं हो पाई।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस साल फिर से खोजी दलों को भेजने की तैयारी की जा रही है और रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। कोर्ट ने 2016 और 2019 में सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि लापता लोगों की तलाश कर उनके अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाए। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, 702 मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के पास उनके डीएनए नमूने सुरक्षित हैं, लेकिन 6,000 लोगों द्वारा दिए गए डीएनए से कोई मेल नहीं हो सका है। ऐसे में 702 परिवार अब भी अपनों की पहचान के इंतजार में हैं।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई