सीट पर बैठे-बैठे मिलेगा पसंदीदा ब्रांड का खाना, IRCTC ई-कैटरिंग से बदला ट्रेन सफर का अनुभव

अब ट्रेन यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सुविधा और स्वाद का बेहतर अनुभव भी देने लगी है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC) की ई-कैटरिंग सेवा के जरिए यात्री अपनी सीट पर बैठे-बैठे नामी और विश्वसनीय फूड ब्रांड्स से भोजन ऑर्डर कर सकते हैं।
पहले यात्रियों को सीमित विकल्पों वाले ट्रेन के तय भोजन पर निर्भर रहना पड़ता था या स्टेशन पर उतरकर भीड़ में खाना तलाशना होता था। ई-कैटरिंग सेवा ने इस मजबूरी को खत्म कर दिया है। अब यात्री वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टोल-फ्री नंबर 1323 और व्हाट्सएप के जरिए आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं। प्री-पेड और कैश ऑन डिलीवरी, दोनों विकल्प उपलब्ध हैं और ओटीपी सिस्टम के जरिए भोजन सुरक्षित रूप से सीट तक पहुंचाया जाता है।
भोपाल मंडल में यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यहां शहर के 12 वेंडरों को ई-कैटरिंग से जोड़ा गया है, जिससे यात्रियों को भारतीय, दक्षिण भारतीय, चीनी, कॉन्टिनेंटल और बिरयानी जैसे व्यंजनों के कई विकल्प मिल रहे हैं। IRCTC ने देश के 11 प्रमुख फूड ब्रांड्स और अग्रणी एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी की है। 15 या उससे अधिक यात्रियों के लिए बल्क ऑर्डर की सुविधा भी दी जा रही है, जिसमें कस्टमाइज्ड मेनू और किफायती दरों पर सीट तक डिलीवरी की जाती है।
देशभर में रोजाना करीब 1.20 लाख भोजन IRCTC ई-कैटरिंग के माध्यम से बुक हो रहे हैं। इसमें वेस्ट जोन का बड़ा योगदान है, जहां से प्रतिदिन लगभग 35 हजार मील ऑर्डर दर्ज किए जा रहे हैं। इस सेवा से यात्रियों को साफ, ताजा और भरोसेमंद भोजन मिल रहा है, जिससे यात्रा पहले से ज्यादा आरामदायक बन गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था भी सरल रखी गई है। अगर भोजन गलत मिले या डिलीवरी में देरी हो, तो यात्री हेल्पलाइन, ऐप या व्हाट्सएप के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जांच के बाद जरूरत पड़ने पर रिफंड या सही ऑर्डर उपलब्ध कराया जाता है।
ई-कैटरिंग सेवा में स्वास्थ्य और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। सभी वेंडरों के पास एफएसएसएआई लाइसेंस होता है और साफ-सफाई के मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमित जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि यात्रियों तक समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचे।





