RTE छात्रों से निर्माण कार्य कराने का आरोप, मुख्यमंत्री DAV स्कूल की प्रिंसिपल पर जांच शुरू

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले स्थित मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले छात्रों से निर्माण कार्य और पुताई कराने का मामला सामने आया है। इस संबंध में छात्रों के परिजनों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों से स्कूल परिसर में सीमेंट और रेत से निर्माण कार्य कराया। बच्चों से कक्षाओं की पुताई और साफ-सफाई भी कराई गई। छात्रों का कहना है कि काम करने से इनकार करने पर टीसी काटने की धमकी दी जाती थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे इस संबंध में बात करने स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने अभद्र व्यवहार किया और कहा कि बच्चों को मुफ्त में बैग, टेबल, बिजली और किताबें मिल रही हैं, इसलिए उन्हें काम करना चाहिए। छात्रों ने काम करते हुए फोटो और वीडियो भी सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए हैं। वीडियो में कुछ बच्चे मसाला बनाते और पुताई करते नजर आ रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल की एक कक्षा को प्रिंसिपल द्वारा अपने पति के साथ आवास के रूप में उपयोग किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 20-25 दिन पुराना है।
कलेक्टर के निर्देश पर DEO अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। टीम में सहायक संचालक योजना लता बेक को अध्यक्ष, बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय को सदस्य बनाया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल विधु शर्मा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ द्वेषवश शिकायत की गई है और जांच में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।





