इंदौर में शराब दुकानों से रिकॉर्ड राजस्व, लक्ष्य से 157 करोड़ अधिक आय

इंदौर में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के आवंटन से आबकारी विभाग को रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। अब तक 47 समूहों की 156 दुकानों का आवंटन किया जा चुका है, जिनसे 2001.92 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह निर्धारित लक्ष्य 1844.11 करोड़ रुपये से 157.80 करोड़ अधिक है, जो लगभग 8.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
आबकारी विभाग ने इस वर्ष नई नीति के तहत समूहों का पुनर्गठन किया था। पहले के 64 समूहों को घटाकर 59 समूह बनाए गए और इनमें कम तथा अधिक राजस्व वाली दुकानों को एक साथ शामिल किया गया। इस रणनीति से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
विभाग के अनुसार, अभी 5 समूहों की 17 दुकानों का आवंटन बाकी है, जिनकी प्रक्रिया जारी है। इन दुकानों का आरक्षित मूल्य 258.31 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में इस बार आय में 30.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां 1536.76 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 2001.92 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार 465.15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय दर्ज की गई है।
विभागीय विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि पुनर्गठित समूहों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कुछ प्रमुख समूहों में राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, जहां पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 36 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।
अधिकारियों का मानना है कि नई आबकारी नीति और समूह पुनर्गठन के कारण जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है, जिससे प्रदेश में इंदौर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।





