इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो को हरी झंडी, मेट्रोपॉलिटन रीजन का दायरा हुआ बड़ा

इंदौर के शहरी विकास को नई दिशा देते हुए राज्य सरकार ने शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो रेल और मेट्रोपॉलिटन रीजन के विस्तार को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में इन फैसलों पर सहमति बनी, जिससे आने वाले वर्षों में यातायात, उद्योग और कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बैठक में तय किया गया कि बंगाली चौराहे से खजराना चौराहे तक मेट्रो रेल भूमिगत होगी। इसी हिस्से से एयरपोर्ट तक मेट्रो लाइन भी अंडरग्राउंड रहेगी। इस परियोजना पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी। निर्णय के बाद लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है और मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। अब इसका क्षेत्रफल 9,989 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 14,550 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। विस्तार के बाद यह क्षेत्र रतलाम के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तक फैलेगा। इससे पीथमपुर, बदनावर और रतलाम जैसे औद्योगिक इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा और लॉजिस्टिक्स के साथ निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद एबी रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को लेकर भी सहमति बनी। डिजाइन अप्रूवल के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक सर्वे और कॉरिडोर के संभावित विस्तार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के विस्तार से इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, आईटी सेक्टर और इंटीग्रेटेड टाउनशिप के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से इंदौर और आसपास के इलाकों में समग्र विकास को गति मिलेगी और भविष्य में बड़े निवेश आकर्षित होंगे।





