भारत विश्वगुरु बनने की राह पर, डर से लगाया भारत पर टैरिफ: मोहन भागवत

दिल्ली। नागपुर में ब्रह्माकुमारी विश्व शांति सरोवर के 7वें स्थापना दिवस पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने के पीछे डर की राजनीति है।
उन्होंने कहा कि कुछ देशों को यह भय है कि अगर भारत मजबूत हुआ तो उनका वर्चस्व कम हो जाएगा, इसलिए वे ऐसे कदम उठा रहे हैं। भागवत ने किसी का नाम लिए बिना अमेरिका पर इशारा किया। दरअसल, ट्रम्प प्रशासन ने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ का ऐलान किया था, जो 7 अगस्त से लागू हुआ। साथ ही रूसी तेल खरीदने की वजह से 25% अतिरिक्त टैरिफ भी 27 अगस्त से लागू किया गया।
भागवत ने कहा कि दुनिया को “मैं” से आगे बढ़कर “हम” की सोच अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेगा, तब तक समस्याएं बनी रहेंगी। यदि हम डर और अहंकार पर काबू पा लें तो कोई दुश्मन नहीं बचेगा। आज पूरी दुनिया समाधान खोज रही है, लेकिन अधूरी दृष्टि और स्वार्थी नजरिए के कारण आगे का रास्ता नहीं देख पा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आगे का मार्ग दिखाने में सक्षम है। भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत उनकी अपनेपन की भावना है, जो कठिनाई और दुख में भी संतोष बनाए रखती है। भागवत ने पहले भी टैरिफ विवाद पर कहा था कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार दबाव में नहीं होना चाहिए और आत्मनिर्भरता ही सच्ची शक्ति है। उन्होंने यह भी दोहराया कि दुनिया भारत को उसकी अर्थव्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि अध्यात्म और मूल्यों के लिए सम्मान देती है, इसी कारण भारत को विश्वगुरु माना जाता है।





