आतंकवाद पर भारत का जीरो टॉलरेंस, पहलगाम हमले को वैश्विक मंच पर उजागर करेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल: विक्रमजीत सिंह
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर होगा पहलगाम हमला

दिल्ली। आप सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाली सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, ने शनिवार को भारत की आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को दुनिया के सामने उजागर करना बेहद जरूरी है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था।
साहनी ने कहा, “भारत उकसाने में विश्वास नहीं रखता। हमारा उद्देश्य शांति बनाए रखना है। लेकिन अगर आतंकवादी गतिविधियां नहीं रुकतीं तो भारत उन्हें सहन नहीं करेगा। परमाणु धमकी से भी भारत डरने वाला नहीं है।” उन्होंने पाकिस्तान पर हमला धार्मिक रंग देने की साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा, “भारत जानता है कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता।”
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के ठिकानों को बनाया गया निशाना
उन्होंने कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत केवल आतंकियों के शिविरों को निशाना बनाया। भिंड, बहावलपुर समेत कई इलाकों में आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया, जबकि पाकिस्तान रात में ड्रोन से जम्मू-कश्मीर के शहरों में डर फैलाने की कोशिश करता रहा।
भारत देगा दुनिया को स्पष्ट संदेश
साहनी ने बताया कि सात दलों की इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य भारत के एकजुट रुख को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है। इस दल में बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी, आप और टीडीपी के सांसद शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट और कड़ा संदेश देगा, कि “आतंक के लिए भारत में कोई जगह नहीं है।”





