जशपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया युक्तियुक्तकरण की अहम जानकारी, शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किए गए युक्तियुक्तकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री का ग्रामवासियों और अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
युक्तियुक्तकरण क्या है?
युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को बेहतर बनाना ताकि हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हों और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। इसका उद्देश्य छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है ताकि कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन न रहे।
वर्तमान स्थिति कैसी है?
राज्य में करीब 30,700 प्राथमिक स्कूल हैं जहां औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं। वहीं, 13,149 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
फिर भी 212 प्राथमिक स्कूलों में अभी भी कोई शिक्षक नहीं है और 6,872 स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर भी 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक तो हैं लेकिन वहां एक भी छात्र नहीं है।
युक्तियुक्तकरण के फायदे
जहां अधिक शिक्षक हैं लेकिन बच्चे कम, वहां से शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक की कमी है। इससे शिक्षक विहीन स्कूलों की समस्या खत्म होगी।
स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। एक ही परिसर में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की कक्षाएं संचालित होंगी, जिससे बच्चों को बार-बार अलग-अलग स्कूलों में एडमिशन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इससे बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और ड्रॉपआउट रेट यानी स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या भी कम होगी।
शिक्षा विभाग की सफाई
कुछ शैक्षिक संगठन युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लेकर गलतफहमियां फैला रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि इसका मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
यह योजना बच्चों के हित में है और शिक्षकों की सही तैनाती के लिए बनाई गई है। इससे छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत और संतुलित बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे प्रदेश में शिक्षा का स्तर और ऊपर उठेगा।





