मस्तूरी में रिजर्व फॉरेस्ट से अवैध उत्खनन, सरपंच पर गंभीर आरोप, वन विभाग की जांच शुरू

मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत ठरकपुर से अवैध उत्खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सरपंच पर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र से खुलेआम मुरुम की खुदाई कराने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार पंचायत भवन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए बीते दो दिनों में सैकड़ों ट्रैक्टर मुरुम निकाली गई। आरोप है कि यह खुदाई नियमों को दरकिनार कर सीधे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र से कराई गई। जबकि भूमि समतलीकरण के लिए जनपद पंचायत द्वारा लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी और नियमानुसार मुरुम लीज खदान से खरीदी जानी थी।
ग्रामीणों ने इस अवैध उत्खनन की सूचना ग्रैंड न्यूज की टीम को दी। ग्रामीणों का कहना है कि जेसीबी मशीन से जंगल क्षेत्र में खुदाई की जा रही थी, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा से बने तालाब को भी नहीं बख्शा गया। जिस तालाब के निर्माण में लाखों रुपये खर्च हुए थे, उसी को नुकसान पहुंचाकर मुरुम निकाली गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खुदाई किया गया क्षेत्र रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आता है। वन विभाग ने पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला कागजों में ही दबकर रह जाएगा। पूरे गांव और जिले की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।





