छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का गोरखधंधा तेज, कड़े कानून और टास्क फोर्स की मांग

छत्तीसगढ़ के हर गली-मोहल्ले में अवैध शराब बनाने और बेचने का कारोबार खुलेआम चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन की नज़र के सामने यह धंधा फल-फूल रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
अवैध शराब पीने से कई लोगों की जान जा चुकी है और इसकी लत समाज में तेजी से बढ़ रही है। लोगों का मानना है कि राज्य सरकार को इस पर तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।
सुझाव दिया गया है कि हर जिले में एक विशेष टास्क फोर्स टीम बनाई जाए और इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों को “आबकारी प्रहरी” के रूप में शामिल किया जाए। इसके लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी होना चाहिए, ताकि लोग अपने इलाके में चल रहे अवैध शराब के धंधे की सूचना दे सकें।
सूचना सही पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई कर अवैध शराब बनाने और बेचने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। साथ ही, नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज हो।
लोगों की मांग है कि अब सरकार को कठोर कानून बनाकर इस गोरखधंधे पर पूरी तरह से लगाम लगानी चाहिए।





