“संसाधन नहीं तो काम नहीं” राजस्व प्रशासनिक सेवा संघ का विरोध प्रदर्शन,

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ |
छत्तीसगढ़ के राजस्व प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने सोमवार को “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बिलासपुर में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान अधिकारी अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य से विरत रहे, जिससे आम जनता के राजस्व संबंधित कार्य ठप हो गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मूलभूत संसाधनों की भारी कमी के चलते फील्ड स्तर पर कामकाज बाधित हो रहा है।
अधिकारियों ने कई बार शासन को ज्ञापन सौंपा, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बैनर पर लिखा नारा “संसाधन नहीं तो काम नहीं” अधिकारियों की नाराजगी को बखूबी जाहिर कर रहा था।
संघ ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
संघ पदाधिकारियों का बयान:
संघ के मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि:
“हमारी मांगें प्रशासनिक दक्षता और जनहित से जुड़ी हैं। हम किसी सेवा से पीछे नहीं हट रहे, लेकिन जब तक आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, कार्य संचालन संभव नहीं है।”
प्रभाव और आगे की रणनीति:
प्रदर्शन के कारण कई राजस्व कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। इससे जमीन संबंधी दस्तावेज़, नामांतरण, सीमांकन जैसे कार्यों पर असर पड़ा। आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संघ का कहना है कि यदि शासन द्वारा समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जल्द ही पूरे प्रदेश में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
अब देखना ये होगा कि शासन इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाता है और अधिकारी वर्ग की मांगों को मान्यता देता है या नहीं।




