वंदे मातरम् पर मोदी से ममता को आपत्ति नहीं, तो कांग्रेस और अखिलेश क्यों कर रहे विरोध?

लोकसभा में वंदे मातरम् को लेकर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को वंदे मातरम् से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसके विरोध में क्यों खड़ी हैं? पीएम मोदी के इस बयान से संसद में बहस और तीखी हो गई।
चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् देश की एकता, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी ने पहले भी कई मौकों पर वंदे मातरम् का सम्मान किया है और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे शामिल करने पर सहमति जताई है। ऐसे में कांग्रेस और अखिलेश यादव के विरोध पर उन्होंने सवाल उठाया।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वंदे मातरम् को लेकर सरकार पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार राष्ट्रीय भावनाओं का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए कर रही है। विपक्ष ने कहा कि राष्ट्रभक्ति किसी पार्टी की बपौती नहीं है और सरकार इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दे रही है।
दूसरी ओर, बीजेपी का कहना है कि वंदे मातरम् राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा हुआ गीत है और इसका सम्मान हर राजनीतिक दल से अपेक्षित है। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि जो दल वंदे मातरम् का विरोध करते हैं, वे जनता में गलत संदेश दे रहे हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के बीच संसद में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। वंदे मातरम् को लेकर छिड़ी यह बहस आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक रंग ले सकती है, क्योंकि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इसे अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं।





