ICC:दुबई क्यों शिफ्ट किया गया ICC का हेडक्वार्टर? भारत की ताकत ने खेला था बड़ा खेल

ICC:इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल का हेडक्वार्टर पहले 1909 से लेकर 2005 तक लंदन में स्थित था। हालांकि, 2005 में इसे दुबई में शिफ्ट कर दिया गया। इस बदलाव के पीछे कई अहम कारण थे, जिनमें बढ़ते खर्च, जगह की कमी, और क्रिकेट की ताकत का एशिया में स्थानांतरित होना प्रमुख थे।
लंदन में हेडक्वार्टर बनाना महंगा पड़ा
दुबई में हेडक्वार्टर शिफ्ट करने से पहले, आईसीसी के लिए लंदन में अपना मुख्यालय बनाए रखना एक महंगा सौदा बन गया था। इस दौरान आईसीसी के अध्यक्ष अहसान मनी और मुख्य कार्यकारी मैल्कम स्पीड ने इस बदलाव पर विचार किया। लंदन में टैक्स नियमों के कारण आईसीसी के वित्तीय मामलों में काफी कठिनाइयां आ रही थीं। इसके चलते, 2005 में दुबई को हेडक्वार्टर के रूप में चुना गया, जो टैक्स-फ्री देश था और आईसीसी के लिए ज्यादा लचीलापन और आर्थिक फायदे की ओर इशारा करता था।
दुबई में टैक्स बचत और लचीलापन
आईसीसी के दुबई शिफ्ट होने का एक बड़ा कारण वहां के टैक्स नियमों में लचीलापन था। इंग्लैंड में डबल-टैक्सेशन एग्रीमेंट नहीं होने की वजह से कई क्रिकेट देशों को वित्तीय लेन-देन पर ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता था, लेकिन दुबई में ऐसा कोई दवाब नहीं था। इससे आईसीसी को अपने वित्तीय मामलों में राहत मिली और टैक्स बचत हुई, जिससे संस्था को बड़े लाभ मिले।
क्रिकेट का गढ़ एशिया बन चुका था
दूसरा प्रमुख कारण था क्रिकेट की ताकत का एशिया की ओर बढ़ना। 2000 के बाद से क्रिकेट का दबदबा यूरोप के मुकाबले एशिया में ज्यादा हो गया था, और भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों में क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय हुआ। खासकर भारत ने क्रिकेट को एक विशाल बाजार बना दिया था। इस कारण आईसीसी ने महसूस किया कि क्रिकेट का नया गढ़ एशिया बन चुका है, और इसे लंदन से दुबई शिफ्ट करना सही निर्णय था।
निष्कर्ष
इस बदलाव के पीछे की मुख्य वजहें वित्तीय लाभ, बढ़ते खर्च और क्रिकेट का एशिया में बढ़ता प्रभाव थीं। दुबई में शिफ्ट करने के बाद आईसीसी ने अपने संसाधनों को बेहतर तरीके से संचालित किया और एशिया के बढ़ते क्रिकेट बाजार का फायदा उठाया।





