खुलते ही शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा; निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये डूबे

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1200 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती मिनटों में ही निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि कुछ देर बाद बाजार में आंशिक सुधार देखने को मिला और सेंसेक्स गिरावट कम करते हुए करीब 73,127 के स्तर के आसपास पहुंच गया।
बाजार में गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर साफ दिखा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 422 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 415 लाख करोड़ रुपये रह गया।
बाजार में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव से निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है। इस बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। मार्च महीने में अब तक एफपीआई ने बड़ी मात्रा में निवेश वापस लिया है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की मासिक एक्सपायरी भी बाजार में उतार-चढ़ाव का कारण बनी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार एक्सपायरी के आसपास बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है, जिसका असर सोमवार को भी देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे घरेलू निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी चिंता का कारण बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।





