देशभर में एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, 14 वर्ष की 1.15 करोड़ किशोरियों को मिलेगा मुफ्त टीका

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत देशभर में 14 वर्ष की लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सरकारी केंद्रों पर गार्डासिल-4 टीका उपलब्ध कराया जाएगा। विशेषज्ञों ने टीकाकरण के साथ-साथ नियमित स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया है। भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर वर्ष करीब 80 हजार नए मामले सामने आते हैं और 42 हजार से अधिक महिलाओं की इससे मृत्यु होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से लगभग 98 प्रतिशत तक बचाव में प्रभावी मानी जाती है। 14 वर्ष तक की आयु में एक डोज पर्याप्त मानी गई है, जबकि 15 वर्ष या उससे अधिक आयु की लड़कियों को 2 से 3 डोज की आवश्यकता पड़ सकती है। यह वैक्सीन 26 वर्ष की आयु तक सबसे अधिक प्रभावी रहती है।
एचपीवी वैक्सीन केवल सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, बल्कि गले सहित कुछ अन्य प्रकार के कैंसर से भी बचाव में सहायक हो सकती है। एचआईवी संक्रमण, एक से अधिक यौन साथियों के साथ संबंध, व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी, कम उम्र में गर्भावस्था और धूम्रपान जैसी आदतें सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। 30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को नियमित रूप से स्क्रीनिंग कराने की सलाह दी जाती है, ताकि बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार किया जा सके।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यौन संबंध के बाद असामान्य रक्तस्राव, मासिक धर्म के बीच अनियमित ब्लीडिंग, दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में सर्जरी से उपचार संभव है, जबकि उन्नत अवस्था में कीमोथेरेपी की आवश्यकता पड़ सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित आयु वर्ग की बच्चियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।





