हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति को “पालतू चूहा” कहना मानसिक क्रूरता, तलाक और ₹5 लाख गुजारा भत्ता मंजूर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक तलाक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने माना कि पत्नी द्वारा पति को “पालतू चूहा” कहना और उसे अपने माता-पिता से अलग रहने के लिए मजबूर करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है।

कोर्ट ने पति को तलाक देने के साथ ही पत्नी को ₹5 लाख गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। पत्नी पेशे से लाइब्रेरियन हैं।

यह दंपती वर्ष 2009 में विवाह के बंधन में बंधा था, लेकिन 2019 में पत्नी तीज पर्व पर मायके जाने के बाद वापस नहीं लौटी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला तलाक तक पहुँच गया।

पत्नी ने फैमिली कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसएमएस जैसे डिजिटल सबूतों को भी वैध मानते हुए अपना निर्णय सुनाया।

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