बिलासपुर के निजी स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त, CBSE मान्यता और 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा मामले में मांगा जवाब

बिलासपुर। शहर के ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायणा टेक्नो स्कूल में CBSE पाठ्यक्रम के नाम पर प्रवेश देने और बाद में 5वीं व 8वीं बोर्ड परीक्षा दोबारा कराने के मामले को हाईकोर्ट में उठाया गया है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा सचिव से नए शपथपत्र में जवाब मांगा है।
RTE सुनवाई के दौरान उठा मामला
भिलाई निवासी सीवी भगवंत ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता देवर्शी ठाकुर ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायणा टेक्नो स्कूल का मामला कोर्ट के सामने रखा और बताया कि बच्चों को CBSE पाठ्यक्रम के नाम पर प्रवेश दिया गया, लेकिन बाद में अचानक CG बोर्ड की 5वीं और 8वीं परीक्षा में शामिल होने का निर्देश दिया गया।
अभिभावकों में नाराजगी
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की वार्षिक परीक्षा पहले ही हो चुकी थी, लेकिन राज्य सरकार के आदेश का हवाला देकर एक दिन पहले बोर्ड परीक्षा की सूचना दी गई। इससे नाराज होकर अभिभावकों ने कलेक्टर बंगले का घेराव भी किया।
8वीं तक CBSE मान्यता नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक CBSE की संबद्धता नहीं होती है और ये स्कूल राज्य सरकार व जिला शिक्षा विभाग के नियमों से संचालित होते हैं। नारायणा टेक्नो स्कूल द्वारा CBSE संबद्धता के दस्तावेज भी जमा नहीं किए गए हैं, जबकि अभिभावकों से CBSE पाठ्यक्रम के नाम पर अधिक फीस ली गई।
हाईकोर्ट ने मांगा शपथपत्र
चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव को इस पूरे मामले पर विस्तृत शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी।





