युक्तियुक्तकरण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों को मिली राहत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने युक्तियुक्तकरण (Rationalization) को लेकर शिक्षकों द्वारा दायर 100 से ज्यादा याचिकाओं पर सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि प्रभावित शिक्षक अपना अभ्यावेदन (अपील) जिला स्तरीय समिति के सामने रखें। इस समिति की अध्यक्षता कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों ने अभी तक नई पदस्थापना में ज्वाइन नहीं किया है, उन पर कोई भी दबाव नहीं डाला जाएगा। वहीं, जो शिक्षक पहले ही नई जगह कार्यभार संभाल चुके हैं, वे सिर्फ दावा-आपत्ति दे सकते हैं।

शिक्षकों ने याचिका में आरोप लगाया था कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां की गई हैं और बिना नियमों का पालन किए मनमाने तरीके से उनका दूरस्थ स्कूलों में ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शासन ने पहले कोर्ट में यह माना था कि हेड मास्टर प्रशासनिक पद होता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें शामिल कर प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

शिक्षकों का यह भी कहना था कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा नियम 2019 में बिना संशोधन के काउंसलिंग कराई गई, जो असंवैधानिक है।

इसी दौरान हाईकोर्ट में प्राचार्य पदोन्नति से जुड़े मामले की भी सुनवाई हुई। शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत ठाकुर ने कोर्ट में सभी बिंदुओं पर जवाब पेश किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी पक्ष तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखें, इसके बाद आगे सुनवाई नहीं होगी।

इस फैसले से बड़ी संख्या में प्रभावित शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है।

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